menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
विराट उवाच
यथैव मम रत्नानि युष्माकं तानि वै तथा |  ३७   क
कार्यं कुरुत तैः सर्वे यथाकामं यथासुखम् ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति