menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ते गत्वा केवलां रात्रिमथ सूर्योदय़ं प्रति |  ५०   क
विराटस्य पुराभ्याशे दूता जय़मघोषय़न् ||  ५०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति