menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स त्वा गर्हे भारतानां विरोधा; दन्तो नूनं भविताय़ं प्रजानाम् |  २७   क
नो चेदिदं तव कर्मापराधा; त्कुरून्दहेत्कृष्णवर्त्मेव कक्षम् ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति