menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
इच्छतस्ते न मुच्येत चक्षुःप्राप्तो रणे रिपुः |  ७   क
जिघृक्षतो रक्ष्यमाणः सामरैरपि पाण्डवैः ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति