अनुशासन पर्व  अध्याय ४६

भीष्म उवाच

ईर्ष्यवो मानकामाश्च चण्डा असुहृदोऽवुधाः |  ८   क
स्त्रिय़ो माननमर्हन्ति ता मानय़त मानवाः ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति