menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यत्नेन तु सदा पार्थ योद्धव्यो धृतराष्ट्रजः |  २५   क
कृती च वलवांश्चैव युद्धशौण्डश्च नित्यदा ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति