menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अद्य क्रोधं विमोक्ष्यामि निहितं हृदय़े भृशम् |  ३०   क
सुय़ोधने धार्तराष्ट्रे खाण्डवेऽग्निमिवार्जुनः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति