अनुशासन पर्व  अध्याय ७५

भीष्म उवाच

एवमेतान्गुणान्वृद्धान्गवादीनां यथाक्रमम् |  १७   क
गोप्रदाता समाप्नोति समस्तानष्टमे क्रमे ||  १७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति