अनुशासन पर्व  अध्याय १३२

उमो उवाच

केन शीलेन वा देव कर्मणा कीदृशेन वा |  ३   क
समाचारैर्गुणैर्वाक्यैः स्वर्गं यान्तीह मानवाः ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति