शान्ति पर्व  अध्याय ३२६

भीष्म उवाच

व्रह्मण्यदेवो भगवान्प्रीय़तां ते सनातनः |  १२०   क
युधिष्ठिर महावाहो महावाहुर्जनार्दनः ||  १२०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति