menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १७७
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
निर्हारी संहतः स्निग्धो रूक्षो विशद एव च |  २८   क
एवं नवविधो ज्ञेय़ः पार्थिवो गन्धविस्तरः ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति