menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ते रुद्राः प्रकृतिश्चैव सर्वे चैव सुरर्षय़ः |  ३२   क
उत्पन्ना लोकसिद्ध्यर्थं व्रह्माणं समुपस्थिताः ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति