menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यूय़ं लोकान्धारय़ध्वं यज्ञभागफलोदिताः |  ५६   क
सर्वार्थचिन्तका लोके यथाधीकारनिर्मिताः ||  ५६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति