शान्ति पर्व  अध्याय ३३६

वैशम्पाय़न उवाच

ऋग्वेदपाठपठितं व्रतमेतद्धि दुश्चरम् |  २०   क
सुपर्णाच्चाप्यधिगतो धर्म एष सनातनः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति