शान्ति पर्व  अध्याय ३२८

श्रीभगवानु उवाच

छादय़ामि जगद्विश्वं भूत्वा सूर्य इवांशुभिः |  ३६   क
सर्वभूताधिवासश्च वासुदेवस्ततो ह्यहम् ||  ३६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति