menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३२८
chevron_left
chevron_right
श्रीभगवानु उवाच
गतिश्च सर्वभूतानां प्रजानां चापि भारत |  ३७   क
व्याप्ता मे रोदसी पार्थ कान्तिश्चाभ्यधिका मम ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति