शान्ति पर्व  अध्याय ३२९

श्रीभगवानु उवाच

स प्रत्यक्षं देवेभ्यो भागमददत्परोक्षमसुरेभ्यः ||  १७   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति