शान्ति पर्व  अध्याय ३२९

श्रीभगवानु उवाच

इन्द्रोऽपि विसग्रन्थिमेवाविवेश भूय़ः ||  ३६   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति