शान्ति पर्व  अध्याय ३२९

श्रीभगवानु उवाच

स महर्षिवाक्यसमकालमेव तस्माद्यानादवापतत् ||  ३८   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति