menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११०
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
पतङ्गा इव वह्निं ते प्राविशन्नल्पचेतसः |  १५   क
ये भीमसेनं सङ्क्रुद्धमभ्यधावन्विमोहिताः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति