menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ८६
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
व्यवहारेण शुद्धेन प्रजापालनतत्परः |  २   क
प्राप्य धर्मं च कीर्तिं च लोकावाप्नोत्युभौ शुचिः ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति