menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः सोऽनिमिषो भूत्वा राजानं समुदैक्षत |  २४   क
संय़ोज्य विदुरस्तस्मिन्दृष्टिं दृष्ट्या समाहितः ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति