menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ३३
chevron_left
chevron_right
द्रौपद्यु उवाच
जङ्गमेषु विशेषेण मनुष्या भरतर्षभ |  ५   क
इच्छन्ति कर्मणा वृत्तिमवाप्तुं प्रेत्य चेह च ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति