menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स माधवमनुज्ञाय़ कुरुष्वेति धनञ्जय़ः |  ५   क
द्रोणकर्णौ महेष्वासौ सव्यतः पर्यवर्तत ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति