menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
रुक्मपुङ्खाः प्रसन्नाग्रा मुक्ता हस्तवता त्वय़ा |  १८   क
छादय़न्तु शराः सूर्यं राज्ञामाय़ुर्निरोधिनः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति