menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
श्रीभगवानु उवाच
यदा हि नेन्द्रिय़ार्थेषु न कर्मस्वनुषज्जते |  ४   क
सर्वसङ्कल्पसंन्यासी योगारूढस्तदोच्यते ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति