शान्ति पर्व  अध्याय ३३०

श्रीभगवानु उवाच

सच्चासच्चैव कौन्तेय़ मय़ावेशितमात्मनि |  ११   क
पौष्करे व्रह्मसदने सत्यं मामृषय़ो विदुः ||  ११   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति