शान्ति पर्व  अध्याय ३३०

श्रीभगवानु उवाच

इडोपहूतय़ोगेन हरे भागं क्रतुष्वहम् |  ३   क
वर्णश्च मे हरिश्रेष्ठस्तस्माद्धरिरहं स्मृतः ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति