menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
नाराय़णीय़माख्यानमेतत्ते कथितं मय़ा |  १२   क
नारदेन पुरा राजन्गुरवे मे निवेदितम् |  १२   ख
ऋषीणां पाण्डवानां च शृण्वतोः कृष्णभीष्मय़ोः ||  १२   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति