शान्ति पर्व  अध्याय ३३५

व्यास उवाच

तावपश्यत्स भगवाननादिनिधनोऽच्युतः |  २२   क
एकस्तत्राभवद्विन्दुर्मध्वाभो रुचिरप्रभः ||  २२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति