शान्ति पर्व  अध्याय ३३५

व्यास उवाच

एवमेष महाभागो वभूवाश्वशिरा हरिः |  ६९   क
पौराणमेतदाख्यातं रूपं वरदमैश्वरम् ||  ६९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति