menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
तं स्म नाद्रिय़ते कश्चित्ततोऽहं तमवासय़म् |  १६   क
स स्म भुङ्क्ते सहस्राणां वहूनामन्नमेकदा |  १६   ख
एकदा स्माल्पकं भुङ्क्ते न वैति च पुनर्गृहान् ||  १६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति