menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
न यस्य मातापितरौ नानुग्राह्योऽस्ति कश्चन |  ५   क
कर्मसाक्षी प्रजानां यस्तेन कालेन संहृताः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति