menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवं सा रजनी तेषामाश्रमे पुण्यकर्मणाम् |  १   क
शिवा नक्षत्रसम्पन्ना सा व्यतीय़ाय़ भारत ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति