menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स भवान्दृष्टिमाञ्शक्तः पश्यन्नात्मनि पौरुषम् |  १५   क
आनृशंस्यपरो राजन्नानर्थमववुध्यसे ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति