menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
शृणु राजेन्द्र तत्त्वेन कीर्त्यमानं मय़ानघ |  ३   क
वासुदेवं पुरस्कृत्य यदकुर्वत पाण्डवाः ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति