menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
समवेक्ष्येह धर्मार्थौ सम्भारान्योऽधिगच्छति |  ६४   क
स वै सम्भृतसम्भारः सततं सुखमेधते ||  ६४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति