भीष्म पर्व  अध्याय ३४

श्रीभगवानु उवाच

ये तु धर्म्यामृतमिदं यथोक्तं पर्युपासते |  २०   क
श्रद्दधाना मत्परमा भक्तास्तेऽतीव मे प्रिय़ाः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति