वन पर्व  अध्याय २०६

व्याध उवाच

न शोचामि च वै विद्वन्कालाकाङ्क्षी स्थितोऽस्म्यहम् |  २६   क
एतैर्निदर्शनैर्व्रह्मन्नावसीदामि सत्तम ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति