menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तत्र स्थिता नरा राजन्रौहिणेय़स्य शासनात् |  २२   क
भक्ष्यपेय़स्य कुर्वन्ति राशींस्तत्र समन्ततः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति