menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
किमर्थं भगवान्सोमो यक्ष्मणा समगृह्यत |  ३८   क
कथं च तीर्थप्रवरे तस्मिंश्चन्द्रो न्यमज्जत ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति