menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
आख्याहि मे विस्तरतः कथं राम उपस्थितः |  ४   क
कथं च दृष्टवान्युद्धं कुशलो ह्यसि सत्तम ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति