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शल्य पर्व
अध्याय ३४
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वैशम्पाय़न उवाच
नक्षत्रय़ोगनिरताः सङ्ख्यानार्थं च भारत |  ४१   क
पत्न्यो वै तस्य राजेन्द्र सोमस्य शुभलक्षणाः ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति