menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
श्रुत्वा तासां तु वचनं दक्षः सोममथाव्रवीत् |  ४७   क
समं वर्तस्व भार्यासु मा त्वाधर्मो महान्स्पृशेत् ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति