menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
विसृष्टास्तास्तदा जग्मुः शीतांशुभवनं तदा |  ४९   क
तथापि सोमो भगवान्पुनरेव महीपते |  ४९   ख
रोहिणीं निवसत्येव प्रीय़माणो मुहुर्मुहुः ||  ४९   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति