menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एतच्छ्रुत्वा व्यवसितो निकृतिं समुपाश्रितः |  १०   क
जितमित्येव शकुनिर्युधिष्ठिरमभाषत ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति