menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
जय़ं महाजय़ं चैव नागौ ज्वलनसूनवे |  ४८   क
प्रददौ पुरुषव्याघ्र वासुकिः पन्नगेश्वरः ||  ४८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति