menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३४२
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
समुत्पन्नाभिधानोऽस्मि वाङ्माधुर्येण तेऽनघ |  १   क
मित्रतामभिपन्नस्त्वां किञ्चिद्वक्ष्यामि तच्छृणु ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति