menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३४४
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
दत्तचक्षुरिवाकाशे पश्यामि विमृशामि च |  ५   क
प्रज्ञानवचनाद्योऽय़मुपदेशो हि मे कृतः |  ५   ख
वाढमेवं करिष्यामि यथा मां भाषते भवान् ||  ५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति