menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३४५
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
विश्रान्तोऽभ्यर्चितश्चास्मि भवत्या श्लक्ष्णय़ा गिरा |  ६   क
द्रष्टुमिच्छामि भवति तं देवं नागमुत्तमम् ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति